KPI Green Energy एक बार फिर निवेशकों के नजरों पर आ गया है। दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों के बाद इस पावर जेनरेशन कंपनी पर ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा मजबूत हुआ है। भले ही शेयर अभी अपने 52-वीक हाई से करीब 29% नीचे ट्रेड कर रहा हो, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में इसमें अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल KPI Green Energy का शेयर लगभग ₹401.60 के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि ब्रोकरेज ने इसमें मजबूत अपसाइड की संभावना जताई है।
KPI Green Energy Share Price Target
डोमेस्टिक ब्रोकिंग फर्म SBI Securities ने KPI Green Energy के शेयर में खरीद (Buy) की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक का टारगेट प्राइस ₹560 प्रति शेयर तय किया है। मौजूदा भाव के मुकाबले यह करीब 40% तक के अपसाइड की ओर इशारा करता है।
शेयर का 52-वीक हाई ₹562.60 और लो ₹335.55 रहा है, जिससे यह साफ होता है कि स्टॉक पहले भी इस स्तर तक पहुंच चुका है।
KPI Green Energy Q3 FY26 Results
Q3 FY26 में KPI Green Energy का ओवरऑल परफॉर्मेंस मजबूत रहा, हालांकि यूनिट जेनरेशन कंपनी के आंतरिक टारगेट से थोड़ी कम रही। तिमाही के दौरान कंपनी ने कंसोलिडेटेड स्तर पर रेवेन्यू, EBITDA और शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर दमदार ग्रोथ दर्ज की।
ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹663 करोड़ रहा, जबकि EBITDA ₹236 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹118 करोड़ दर्ज किया गया।
यूनिट जेनरेशन क्यों रही टारगेट से कम?
दिसंबर तिमाही में KPI Green Energy की यूनिट जेनरेशन सालाना और तिमाही दोनों आधार पर बढ़ी है, लेकिन कुछ प्रोजेक्ट्स के कमर्शियलाइजेशन में देरी के कारण उत्पादन कंपनी के तय लक्ष्य से पीछे रह गया।
ब्रोकरेज का मानना है कि जैसे-जैसे नए प्रोजेक्ट्स ऑपरेशनल होंगे, यूनिट जेनरेशन में भी सुधार देखने को मिलेगा।
ऑर्डर बुक की मजबूती बनी बड़ी ताकत
KPI Green Energy की सबसे बड़ी ताकत इसकी मजबूत ऑर्डर बुक है। दिसंबर 2025 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक लगभग 3.6 गीगावॉट की रही है। इसमें CPP वर्टिकल का हिस्सा सबसे बड़ा है, जबकि IPP सेगमेंट में भी बड़े प्रोजेक्ट्स लाइन-अप में हैं।
CPP ऑर्डर्स के अगले 18–20 महीनों में पूरे होने की उम्मीद है, जबकि IPP प्रोजेक्ट्स FY28 तक पूरे होने की संभावना जताई गई है। इससे कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू को लेकर विजिबिलिटी साफ नजर आती है।
₹1,000 करोड़ से ज्यादा सालाना रेवेन्यू की उम्मीद
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, KPI Green Energy की IPP कैपेसिटी लगातार बढ़ रही है। दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास 528 मेगावाट की ऑपरेशनल IPP कैपेसिटी है और अगले 24–30 महीनों में इसे लगभग 2 गीगावॉट तक ले जाने की योजना है।
अगर यह लक्ष्य समय पर पूरा होता है, तो कंपनी को आने वाले वर्षों में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का सालाना रेवेन्यू मिल सकता है।
KPI Green Energy Shareholding Patterns
दिसंबर 2025 तिमाही में प्रमोटर्स ने KPI Green Energy में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। प्रमोटर होल्डिंग बढ़कर 49.3% हो गई है, जो मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाती है।
वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की हिस्सेदारी में हल्की कमी देखने को मिली है। हालांकि, पब्लिक और अन्य निवेशकों की हिस्सेदारी स्थिर बनी हुई है, जो स्टॉक में निवेशकों की दिलचस्पी को दिखाती है।
निष्कर्ष
KPI Green Energy Q3 FY26 Results यह दिखाते हैं कि कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत बना हुआ है। ऑर्डर बुक, CPP वर्टिकल की ग्रोथ और IPP सेगमेंट की भविष्य की योजनाएं इसे एक आकर्षक पावर स्टॉक बनाती हैं।
ब्रोकरेज की बुलिश राय और 40% तक के संभावित अपसाइड को देखते हुए, Power Stocks to Buy की लिस्ट में KPI Green Energy का नाम मजबूती से शामिल किया जा सकता है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए निवेश से पहले जोखिम को समझना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें।




