Adani Energy Share Price: अदाणी ग्रुप की पावर ट्रांसमिशन कंपनी Adani Energy Solutions एक बार फिर चर्चा में है। कंपनी को जापान के दो बड़े बैंकों से 75 करोड़ डॉलर का विदेशी कर्ज मिला है, जिसे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, इस पॉजिटिव खबर के बावजूद शेयर बाजार में निवेशकों का मूड कुछ सतर्क नजर आया।
बीएसई पर अदाणी एनर्जी के शेयर में आज बिकवाली का दबाव दिखा और यह करीब 1.42% की गिरावट के साथ ₹1017.75 पर बंद हुआ। इंट्रा-डे में स्टॉक 2.80% तक टूटकर ₹1003.50 के स्तर तक भी आ गया था।
Adani Energy News Today
कंपनी को यह 75 करोड़ डॉलर का लोन पांच साल की अवधि के लिए मिला है। इसकी कीमत बेंचमार्क Secured Overnight Financing Rate (SOFR) से 200 बेसिस पॉइंट ऊपर तय की गई है। यह लोन जापान के दो प्रमुख बैंकों— Mitsubishi UFJ Financial Group और Sumitomo Mitsui Banking Corporation—द्वारा दिया गया है।
प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस फंड का इस्तेमाल कंपनी के हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट में किया जाएगा, जो राजस्थान के रेगिस्तान में बनने वाली सोलर एनर्जी को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर तक पहुंचाने से जुड़ा है।
भारत की ग्रीन एनर्जी रणनीति से जुड़ा है यह निवेश
यह निवेश ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत रिन्यूएबल एनर्जी की ग्रोथ को तेज करने पर जोर दे रहा है। साल 2021 में ग्लासगो जलवायु सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जो पांच बड़े जलवायु लक्ष्य घोषित किए थे, यह प्रोजेक्ट उसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भविष्य में इस लोन को किसी अन्य करेंसी या अमेरिकी प्राइवेट प्लेसमेंट जैसे विकल्पों के जरिए रीफाइनेंस भी किया जा सकता है।
जापानी बैंकों की भारत में बढ़ती दिलचस्पी
अदाणी एनर्जी को मिला यह लोन केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जापान की भारत में बढ़ती फाइनेंशियल दिलचस्पी को भी दिखाता है। बीते कुछ वर्षों में जापानी फाइनेंशियल संस्थानों ने भारतीय बैंकों और निवेश कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
खास बात यह है कि जब अदाणी ग्रुप को लेकर वैश्विक स्तर पर सवाल उठे थे, उस दौर में भी जापानी बैंकों ने ग्रुप के साथ अपने रिश्ते बनाए रखे। यह भरोसा भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी पर उनके विश्वास को दर्शाता है।
क्रेडिट रेटिंग से भी मिला सपोर्ट
पिछले महीने जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को BBB+ रेटिंग दी थी और आउटलुक को ‘स्थिर’ रखा था। किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के लिए यह रेटिंग विदेशी निवेश जुटाने में काफी मददगार मानी जाती है। कंपनी की योजना आने वाले समय में येन-डॉमिनेटेड कर्ज के जरिए लगभग 150 करोड़ डॉलर तक फंड जुटाने की भी है, खासकर तब जब डॉलर में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
Adani Energy Share Price
अगर शेयर के प्रदर्शन की बात करें, तो पिछले एक साल में Adani Energy ने तेज उतार-चढ़ाव देखा है। 3 मार्च 2024 को स्टॉक ₹639.35 के स्तर पर था, जो एक साल का निचला स्तर माना जाता है। इसके बाद महज नौ महीनों में शेयर करीब 67% चढ़कर 2 जनवरी 2026 को ₹1067.30 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गया। मौजूदा गिरावट के बावजूद, लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह स्टॉक अब भी चर्चा में बना हुआ है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
जापान के बड़े बैंकों से मिला $75 करोड़ का लोन अदाणी एनर्जी की फाइनेंशियल पहुंच और इंटरनेशनल भरोसे को दिखाता है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में शेयर पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन HVDC जैसे बड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट और भारत की ग्रीन एनर्जी पॉलिसी को देखते हुए लॉन्ग-टर्म तस्वीर अब भी मजबूत नजर आती है।
Disclaimer: यहां पर दी गई जानकारी कोई भी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।




