GMR Airports Q3 Results: एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी GMR Airports Limited ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर 2025) के नतीजे जारी कर दिए हैं। नतीजों में मुनाफे में बड़ी गिरावट दिखी है, लेकिन रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में मजबूत ग्रोथ दर्ज की गई है।
नतीजों से पहले बीएसई पर शेयर 2.40% की गिरावट के साथ ₹94.02 पर बंद हुआ था। इंट्रा-डे में यह ₹93.60 तक फिसल गया था। ऐसे में बाजार खुलने पर शेयर में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।
GMR Airports Q3 Results
दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 54.4% गिरकर ₹267 करोड़ से ₹121.8 करोड़ रह गया। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 50.5% बढ़कर ₹2,653 करोड़ से ₹3,994 करोड़ पहुंच गया। कंपनी की कुल आय 49% बढ़कर ₹4,083 करोड़ रही। यानी टॉपलाइन मजबूत रही, लेकिन बॉटमलाइन पर दबाव दिखा।
EBITDA रिकॉर्ड हाई
कंपनी का EBITDA 65% की तेजी के साथ ₹1,789 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी रिकॉर्ड हाई पर रहा। यह संकेत देता है कि कंपनी की ऑपरेशनल दक्षता और पैसेंजर ट्रैफिक में सुधार ने प्रदर्शन को मजबूती दी है।
पैसेंजर ट्रैफिक में शानदार बढ़ोतरी
दिसंबर तिमाही में GMR के एयरपोर्ट्स से कुल 3.19 करोड़ यात्रियों ने आवाजाही की। दिल्ली एयरपोर्ट पर 2.08 करोड़ यात्रियों का आवागमन हुआ। हैदराबाद एयरपोर्ट ने 78 लाख यात्रियों को हैंडल किया, जबकि गोवा के मोपा एयरपोर्ट से 14.6 लाख यात्रियों ने यात्रा की। बढ़ते ट्रैफिक ने कंपनी के ऐरो और नॉन-ऐरो रेवेन्यू दोनों को सपोर्ट किया।
दिल्ली एयरपोर्ट की कुल आय 41% बढ़कर ₹2,019 करोड़ रही। टैरिफ में बदलाव के बाद ऐरो रेवेन्यू 173% उछला, जबकि नॉन-ऐरो रेवेन्यू 11% बढ़ा। हैदराबाद एयरपोर्ट की आय 8.2% बढ़कर ₹659 करोड़ रही।
ESG पहल में भी आगे
कंपनी ने दावा किया है कि कुल पानी की खपत का 42% हिस्सा रिसाइकलिंग से पूरा किया गया। दिल्ली एयरपोर्ट देश का पहला हवाई अड्डा बन गया है जिसे IGBC से नेट जीरो वेस्ट टू लैंडफिल प्लैटिनम सर्टिफिकेशन मिला है। यह पहल कंपनी की सस्टेनेबिलिटी रणनीति को मजबूत बनाती है।
GMR Airports Share Price
पिछले साल 28 फरवरी 2025 को शेयर ₹67.75 के निचले स्तर पर था। वहां से यह करीब 62.80% उछलकर 2 दिसंबर 2025 को ₹110.30 के उच्च स्तर तक पहुंच गया। हालिया गिरावट के बावजूद लॉन्ग टर्म में शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
GMR Airports के Q3 नतीजे मिश्रित रहे हैं। मुनाफे में गिरावट चिंता का विषय है, लेकिन रेवेन्यू और EBITDA में मजबूत ग्रोथ कंपनी की ऑपरेशनल ताकत को दर्शाती है। एयर ट्रैफिक में तेजी और टैरिफ सुधार से भविष्य में आय को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव संभव है। निवेश से पहले जोखिम और बाजार स्थितियों का आकलन जरूर करें।




