Grasim Industries Q3 Results: आदित्य बिड़ला ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Grasim Industries ने हाल ही में तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए, जिसके बाद यह शेयर ग्लोबल ब्रोकरेज हाउसेज़ के रडार पर आ गया है। नतीजों के बाद हुई कॉनकॉल में मैनेजमेंट ने बिजनेस आउटलुक और अलग-अलग सेगमेंट के प्रदर्शन पर विस्तार से जानकारी दी।
10 फरवरी को कंपनी का शेयर मामूली गिरावट के साथ ₹2929 के स्तर पर बंद हुआ, लेकिन ब्रोकरेज रिपोर्ट्स ने इस स्टॉक में आगे की संभावनाओं को लेकर उत्साह बढ़ाया है।
Grasim Industries Q3 Results
तीसरी तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन EBITDA 4.8 अरब रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 77% की मजबूत बढ़त दर्शाता है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से VSF और टेक्सटाइल सेगमेंट के बेहतर प्रदर्शन की वजह से आई।
VSF सेगमेंट का EBITDA 48% बढ़ा, जबकि केमिकल्स सेगमेंट में 4% की हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कुल मिलाकर कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन अनुमान से बेहतर रहा।
पेंट सेगमेंट का रेवेन्यू करीब 12.2 अरब रुपए रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में सुधार दिखाता है। नए बिजनेस, जिसमें पेंट और B2B ई-कॉमर्स शामिल हैं, में EBITDA घाटा 3.14 अरब रुपए रहा, जो पिछले क्वार्टर के मुकाबले लगभग स्थिर है।
Grasim Industries Share Price Target
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने Grasim Industries पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 3500 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का मजबूत ऑपरेशनल ट्रैक रिकॉर्ड और नए बिजनेस में स्थिर प्रगति लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं। Jefferies के मुताबिक, B2B ई-कॉमर्स बिजनेस का रेवेन्यू रनरेट 85 अरब रुपए तक पहुंच चुका है, जो मैनेजमेंट के गाइडेंस से बेहतर है।
Morgan Stanley ने क्यों रखा Overweight?
दूसरी ओर, Morgan Stanley ने इस शेयर पर Overweight रेटिंग बरकरार रखते हुए 3690 रुपए का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार, पेंट्स बिजनेस में लगातार मजबूत एक्जीक्यूशन देखने को मिल रहा है। सेल्यूलोज सेगमेंट की मजबूती ने EBITDA को सपोर्ट किया है, जबकि केमिकल्स सेगमेंट की कमजोरी आंशिक रूप से ऑफसेट हो गई।
Morgan Stanley का मानना है कि यदि कंपनी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती है तो मीडियम टर्म में स्टॉक में री-रेटिंग और बेहतर कंपाउंडिंग की संभावना है।
पेंट बिजनेस और Birla Opus पर फोकस
कॉनकॉल में मैनेजमेंट ने बताया कि Birla Opus ब्रांड का रैंप-अप तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहा है। फिलहाल यह ब्रांड 10,400 आउटलेट्स पर उपलब्ध है और देश के लगभग 5,000 पिन कोड में पेंटिंग सर्विस ऑफर की जा रही है। हालांकि, ज्यादा डिस्काउंट देने के कारण रियलाइजेशन पर असर पड़ा है, लेकिन ब्रांड की पहुंच और मार्केट शेयर में सुधार को लेकर कंपनी आश्वस्त है।
सेलुलोजिक फाइबर और Birla Pivot से उम्मीदें
सेलुलोजिक फाइबर बिजनेस में वॉल्यूम ग्रोथ और कम इनपुट कॉस्ट ने मार्जिन को मजबूत किया है। कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद इस सेगमेंट ने कंपनी के प्रदर्शन को स्थिर बनाए रखा।
लॉन्ग टर्म आउटलुक की बात करें तो कंपनी को FY27 में Birla Pivot बिजनेस के ब्रेक-ईवन पर पहुंचने की उम्मीद है। वहीं Birla Opus पेंट बिजनेस से FY27 में 8–10% ग्रोथ की संभावना जताई गई है।
Grasim Industries Shareholding Patterns
कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 43% के आसपास बनी हुई है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 56% से ज्यादा है। स्थिर प्रमोटर हिस्सेदारी निवेशकों के लिए भरोसे का संकेत मानी जाती है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Grasim Industries के Q3 नतीजे यह दिखाते हैं कि कंपनी अपने कोर बिजनेस के साथ-साथ नए सेगमेंट में भी आक्रामक विस्तार कर रही है। पेंट बिजनेस, Birla Pivot और B2B ई-कॉमर्स जैसे नए वेंचर्स कंपनी की ग्रोथ प्रोफाइल को मजबूत कर सकते हैं।
Jefferies और Morgan Stanley जैसी ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स की सकारात्मक राय यह संकेत देती है कि मीडियम से लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह स्टॉक दिलचस्प बना रह सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।




