ITC Share Price: एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी ITC का शेयर इन दिनों निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अगले वित्त वर्ष 2027 के बजट के बाद सिगरेट पर टैक्स बढ़ने का असर आईटीसी के शेयर पर साफ दिखाई दिया। 2 फरवरी को टैक्स हाइक प्रभावी होने के अगले ही दिन शेयर में तेज गिरावट आई और यह टूटकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि इस निचले स्तर से शेयर ने थोड़ी रिकवरी दिखाई है, लेकिन अब भी बाजार के जानकार इसे लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रहे हैं। 6 फरवरी को बीएसई पर आईटीसी का शेयर 5.09% की जोरदार तेजी के साथ ₹326.05 पर बंद हुआ, लेकिन यही स्तर 2 फरवरी को इसका एक साल का लो बन गया था। तुलना करें तो 6 फरवरी 2025 को यही शेयर ₹450.10 के रिकॉर्ड हाई पर ट्रेड कर रहा था, यानी एक साल में इसमें भारी गिरावट देखने को मिली है।
क्या है एनालिस्ट्स का रुझान?
आईटीसी के शेयर में हालिया तेजी ने भले ही निवेशकों को थोड़ी राहत दी हो, लेकिन एनालिस्ट्स अब भी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। SBI Securities के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह का मानना है कि मजबूत वॉल्यूम के साथ बनी लॉन्ग बुलिश कैंडल उत्साहजनक जरूर है, लेकिन इसे ट्रेंड रिवर्सल का पक्का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
उनके मुताबिक आईटीसी का शेयर अब भी अहम शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज के नीचे बना हुआ है, इसलिए जोखिम पूरी तरह टला नहीं है। हालिया तेजी ₹305–₹310 के लॉन्ग टर्म सपोर्ट जोन से आई है और आगे की मजबूती इसी बात पर निर्भर करेगी कि यह स्तर बरकरार रहता है या नहीं। अगर यह सपोर्ट टूटता है तो शेयर में दोबारा कमजोरी देखने को मिल सकती है।
ITC Share Price Target
सिगरेट पर टैक्स बढ़ाने का नोटिफिकेशन आने के बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने आईटीसी को लेकर अपना रुख बदला। Nuvama ने आईटीसी की रेटिंग को ‘खरीद’ से घटाकर ‘होल्ड’ कर दिया और इसका टारगेट प्राइस ₹534 से घटाकर ₹415 कर दिया। नुवामा का कहना था कि टैक्स बढ़ने की उम्मीद पहले से थी, लेकिन सरकार ने उम्मीद से ज्यादा एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी।
वहीं Motilal Oswal ने भी आईटीसी की रेटिंग को ‘खरीद’ से घटाकर ‘न्यूट्रल’ कर दिया और टारगेट प्राइस ₹400 कर दिया। मोतीलाल ओसवाल के अनुसार, मौजूदा नेट रियलाइजेशन को बनाए रखने के लिए कंपनी को अपने सिगरेट पोर्टफोलियो में करीब 25% तक कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं, जो डिमांड पर दबाव बना सकता है।
सिगरेट पर टैक्स कितना बढ़ा?
दिसंबर में संसद ने सेंट्रल एक्साइज (एमेंडमेंट) बिल, 2025 को मंजूरी दी थी, जिससे सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया। नए नियमों के तहत सिगरेट पर 40% जीएसटी के अलावा एक्साइज ड्यूटी भी लागू की गई है।
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार सिगरेट की लंबाई के आधार पर 1,000 सिगरेट पर ₹2,050 से ₹8,500 तक की एक्साइज ड्यूटी 1 फरवरी से लागू हो गई है। इसके बाद बाजार में सिगरेट की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। अब 10 सिगरेट के एक पैकेट की कीमत औसतन ₹22 से ₹25 तक बढ़ चुकी है, जिसका सीधा असर बिक्री और मार्जिन पर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
आईटीसी लंबे समय से एक डिफेंसिव और स्थिर रिटर्न देने वाला स्टॉक माना जाता रहा है, लेकिन सिगरेट पर टैक्स में भारी बढ़ोतरी ने इसकी कमाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। शॉर्ट टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और टेक्निकल स्तरों पर नजर रखना जरूरी होगा।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आईटीसी की एफएमसीजी और होटल जैसे नॉन-सिगरेट बिजनेस मजबूती जरूर देते हैं, लेकिन फिलहाल बाजार का मूड सतर्क बना हुआ है। ऐसे में आईटीसी के शेयर में निवेश से पहले जोखिम और रिटर्न दोनों को संतुलित रूप से समझना बेहद जरूरी है।




