Ola Electric Q3 Results: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट की प्रमुख कंपनी Ola Electric Mobility Limited ने 13 फरवरी 2026 को Q3 FY26 के नतीजे जारी किए। बोर्ड मीटिंग दोपहर 3 बजे शुरू होकर 3:45 बजे समाप्त हुई, जिसमें तिमाही प्रदर्शन का पूरा ब्योरा सामने आया। आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के लिए यह तिमाही चुनौतीपूर्ण रही।
रेवेन्यू में तिमाही-दर-तिमाही और साल-दर-साल गिरावट दर्ज हुई है। हालांकि नेट लॉस पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम हुआ है, लेकिन 487 करोड़ रुपये का घाटा अब भी बड़ा दबाव बना हुआ है।
Ola Electric Q3 Results
दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 470 करोड़ रुपये रहा। पिछली तिमाही (Q2 FY26) में यह 690 करोड़ रुपये था, जबकि पिछले साल की समान तिमाही (Q3 FY25) में यह 1,045 करोड़ रुपये रहा था। यानी कंपनी की टॉपलाइन पर साफ दबाव दिखा है।
अप्रैल से दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में कुल रेवेन्यू 1,988 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 3,903 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग आधा है। तिमाही में 34 करोड़ रुपये की अन्य आय भी दर्ज की गई।
487 करोड़ का नेट लॉस
Q3 FY26 में कंपनी का नेट लॉस 487 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में यह 564 करोड़ रुपये था, यानी सालाना आधार पर थोड़ा सुधार दिखा है। हालांकि पिछली तिमाही के 416 करोड़ रुपये के घाटे की तुलना में नुकसान बढ़ा है।
वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी को कुल 1,333 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्रति शेयर आय (EPS) इस तिमाही में निगेटिव 1.10 रुपये रही।
खर्चों का दबाव और सेगमेंट प्रदर्शन
इस तिमाही में कुल खर्च 741 करोड़ रुपये रहा। इसमें 223 करोड़ रुपये मटेरियल लागत और 92 करोड़ रुपये कर्मचारी लाभ पर खर्च किए गए।
ऑटोमोटिव सेगमेंट से 467 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया, लेकिन इस सेगमेंट में 289 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज हुआ। वहीं सेल (Cell) सेगमेंट से केवल 9 करोड़ रुपये की आय हुई और 89 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह संकेत देता है कि बैटरी सेल निर्माण अभी शुरुआती चरण में है और लाभप्रदता तक पहुंचने में समय लग सकता है।
IPO फंड का उपयोग कहां हुआ?
कंपनी ने अपने IPO से 5,275 करोड़ रुपये जुटाए थे। 31 दिसंबर 2025 तक इसमें से 3,772 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर 740 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। ऑर्गेनिक ग्रोथ और कॉर्पोरेट जरूरतों पर 826 करोड़ और 1,134 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया। कंपनी ने 1,072 करोड़ रुपये का कर्ज भी चुकाया है। अभी 1,503 करोड़ रुपये अनयूज्ड फंड के रूप में उपलब्ध हैं। इसके अलावा भविष्य में 1,500 करोड़ रुपये और जुटाने की मंजूरी ली गई है।
क्या कंपनी ‘Going Concern’ बनी रहेगी?
लगातार घाटे के बावजूद मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी के पास पर्याप्त कैश बैलेंस है और वह ‘Going Concern’ बनी रहेगी। आने वाले समय में नए प्रोडक्ट लॉन्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधार पर फोकस किया जाएगा।
स्टैच्यूटरी ऑडिटर B S R & Co LLP ने तिमाही नतीजों का लिमिटेड रिव्यू किया है और कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं दी है, जो निवेशकों के लिए राहत की बात है।
आगे की राह कितनी मुश्किल?
ओला इलेक्ट्रिक के लिए यह दौर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। बिक्री में गिरावट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा कंपनी के सामने बड़ी चुनौती है। हालांकि R&D पर निवेश, सेल सेगमेंट में विस्तार और नए मॉडल लॉन्च की रणनीति उम्मीद जगाती है।
487 करोड़ रुपये का तिमाही घाटा कम करने के लिए कंपनी को वॉल्यूम ग्रोथ और बेहतर मार्जिन पर तेजी से काम करना होगा। आने वाले कुछ क्वार्टर यह तय करेंगे कि ओला इलेक्ट्रिक घाटे से बाहर निकलकर स्थिर ग्रोथ की राह पकड़ पाती है या नहीं।




