SBI Q3 Results: देश के सबसे बड़े PSU बैंक ने जारी किए धमाकेदार तिमाही नतीजें,  मुनाफा 24% बढ़कर ₹21,028 करोड़ के पार…

SBI Q3 Results: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India ने 7 फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजे जारी किए और एक बार फिर साबित कर दिया कि बैंकिंग सेक्टर में उसकी पकड़ कितनी मजबूत है। इस तिमाही में SBI ने कमाई, मुनाफा, एसेट क्वालिटी और डिजिटल बैंकिंग—हर मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन किया है। यही वजह है कि निवेशकों और बाजार की नजरें एक बार फिर SBI के शेयर पर टिकी हुई हैं।

SBI Q3 Results

Q3FY26 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 24% बढ़कर 21,028 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह बैंक के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा है। वहीं, ब्याज से होने वाली कमाई यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी 9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 45,190 करोड़ रुपये रही।

खास बात यह रही कि खर्च और प्रावधान घटाने से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 40% की छलांग लगाकर 32,862 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि SBI की कोर बैंकिंग गतिविधियां पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और प्रभावी हुई हैं।

लोन ग्रोथ बनी रिकॉर्ड मुनाफे की बड़ी वजह

SBI के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी वजह रही लोन बुक में मजबूत बढ़ोतरी। रिटेल, कॉरपोरेट और MSME सेगमेंट में कर्ज की मांग मजबूत बनी रही, जिससे बैंक की ब्याज आधारित आमदनी को जबरदस्त सहारा मिला। ज्यादा लोन डिसबर्समेंट का सीधा असर बैंक के मुनाफे में देखने को मिला और SBI ने इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही लाभ दर्ज किया।

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नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) की स्थिति

तीसरी तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.99% रहा, जो इस बात का संकेत है कि SBI की ब्याज से होने वाली कमाई स्थिर बनी हुई है। घरेलू कारोबार की बात करें तो डोमेस्टिक NIM 3.12% रहा। दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में औसत घरेलू NIM 3.08% दर्ज किया गया, जो लगातार मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को दिखाता है।

एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार

SBI की एसेट क्वालिटी भी इस तिमाही में और बेहतर हुई है। ग्रॉस एनपीए घटकर 1.57% पर आ गया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 50 बेसिस प्वाइंट कम है। वहीं, नेट एनपीए घटकर सिर्फ 0.39% रह गया, जिसमें 14 बेसिस प्वाइंट की कमी आई है।

खराब कर्ज में यह गिरावट दिखाती है कि बैंक की रिकवरी प्रक्रिया और क्रेडिट मॉनिटरिंग काफी मजबूत हुई है, जिससे भविष्य के जोखिम भी सीमित होते नजर आ रहे हैं।

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बैलेंस शीट और कारोबार में बड़ा विस्तार

SBI की बैलेंस शीट लगातार मजबूत होती जा रही है। Q3FY26 के अंत तक बैंक का कुल कारोबार 103 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। कुल जमा राशि 57 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही, जबकि लोन बुक 46 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गई।

यह आंकड़े बताते हैं कि बैंक न सिर्फ बड़े पैमाने पर कारोबार कर रहा है, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों में उसकी भूमिका और भी अहम होती जा रही है।

जमा राशि और CASA में स्थिर ग्रोथ

बैंक की कुल जमा राशि में सालाना आधार पर 9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि CASA (करंट और सेविंग अकाउंट) जमा भी 9% बढ़ी, जो बैंक के लिए कम लागत वाली फंडिंग का मजबूत स्रोत मानी जाती है।

दिसंबर 2025 तक SBI का CASA रेशियो 39.13% रहा, यानी कुल डिपॉजिट का करीब 39% हिस्सा सेविंग और करंट अकाउंट से आया। इसके अलावा, रिटेल टर्म डिपॉजिट में 14% की तेज ग्रोथ देखने को मिली, जो ग्राहकों के लंबे समय के भरोसे को दर्शाती है।

डिजिटल बैंकिंग में SBI की बढ़त

डिजिटल बैंकिंग के मोर्चे पर भी SBI लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। Q3FY26 में खुले 68% से ज्यादा सेविंग अकाउंट डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘Yono’ के जरिए खोले गए। वहीं, अप्रैल से दिसंबर 2025 की अवधि में बैंक के कुल ट्रांजैक्शन में से करीब 98.6% लेनदेन डिजिटल और अन्य वैकल्पिक चैनलों के माध्यम से किए गए।

यह साफ दिखाता है कि SBI डिजिटल इंडिया की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ग्राहकों को तकनीक आधारित सुविधाएं देने में अग्रणी बना हुआ है।

SBI Share price

7 फरवरी को SBI का शेयर 0.70% की हल्की गिरावट के साथ 1,066 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो इस स्टॉक ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। पिछले एक महीने में शेयर करीब 5.8% चढ़ा है, जबकि 6 महीनों में 32% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। वहीं, बीते एक साल में SBI के शेयर ने करीब 44.6% का पॉजिटिव रिटर्न दिया है।

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निष्कर्ष

Q3FY26 के नतीजों ने साफ कर दिया है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया न सिर्फ मुनाफे के मोर्चे पर, बल्कि एसेट क्वालिटी, डिजिटल बैंकिंग और बैलेंस शीट की मजबूती के मामले में भी नई ऊंचाइयों पर है। मजबूत लोन ग्रोथ, घटते एनपीए और बढ़ता डिजिटल कारोबार आने वाले समय में भी SBI के लिए सकारात्मक संकेत देते हैं। यही वजह है कि निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजरें अब भी इस दिग्गज सरकारी बैंक पर टिकी हुई हैं।

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