Suzlon Energy Share एक बार फिर निवेशकों की चर्चा का विषय बना हुआ है। दिसंबर 2025 तिमाही यानी Q3 FY26 के नतीजों के बाद शेयर में दबाव देखने को मिला है और कई ब्रोकरेज फर्मों ने इसके टारगेट प्राइस में कटौती की है। इसके बावजूद, लॉन्ग टर्म को लेकर ब्रोकरेज की राय पूरी तरह नकारात्मक नहीं हुई है। यही वजह है कि बाजार में यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या सुजलॉन की मौजूदा गिरावट आगे चलकर निवेश का मौका बन सकती है।
हालिया कारोबार में सुजलॉन एनर्जी का शेयर करीब 0.40% टूटकर ₹48.04 के आसपास बंद हुआ, जिससे कंपनी का मार्केट कैप घटकर लगभग ₹65,000 करोड़ रह गया है।
Suzlon Energy Share Price
अगर शेयर के पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो बीते एक महीने में Suzlon Energy Share करीब 10% तक टूट चुका है। वहीं, 52 हफ्तों के हाई ₹74.30 के मुकाबले शेयर अब लगभग 36% नीचे ट्रेड कर रहा है। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कमजोर तिमाही नतीजे और प्रोजेक्ट्स के कमीशनिंग में आ रही दिक्कतें मानी जा रही हैं।
हालांकि, यह गिरावट अचानक नहीं आई है, बल्कि धीरे-धीरे बाजार की उम्मीदों के कमजोर होने के साथ देखने को मिली है।
Suzlon Energy Q3 FY26 Results
Q3 FY26 के नतीजों में सुजलॉन एनर्जी का ऑपरेशनल प्रदर्शन बाजार के अनुमान से कमजोर रहा। खासतौर पर प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी और कमीशनिंग की रफ्तार उम्मीद से धीमी रही, जिससे रेवेन्यू ग्रोथ पर असर पड़ा।
कंपनी को जमीन की उपलब्धता, राइट ऑफ वे (RoW) और ग्रिड कनेक्टिविटी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसका सीधा असर प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन पर दिखा। यही कारण है कि नतीजों के बाद शेयर में बिकवाली बढ़ गई।
Suzlon Energy Share Price Target
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि मौजूदा चुनौतियों के चलते कंपनी की FY27 और FY28 की डिलीवरी उम्मीद से थोड़ी कम रह सकती है। इसी आधार पर कुछ ब्रोकरेज हाउस ने Suzlon Energy Share के टारगेट प्राइस में कटौती की है।
हालांकि, अहम बात यह है कि ज्यादातर ब्रोकरेज ने शेयर पर अपनी ‘Buy’ या ‘Positive’ रेटिंग को बनाए रखा है। इससे साफ है कि शॉर्ट टर्म दिक्कतों के बावजूद लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा अभी खत्म नहीं हुआ है।Suzlon Energy की सबसे बड़ी ताकत
Suzlon Energy Order Book
Suzlon Energy के लिए राहत की सबसे बड़ी बात इसकी मजबूत ऑर्डर बुक है। कंपनी के पास करीब 6.4 गीगावॉट का ऑर्डर बैकलॉग है, जो आने वाले सालों में रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी देता है।
भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस, विंड एनर्जी की बढ़ती मांग और ग्रीन एनर्जी टारगेट्स सुजलॉन के बिजनेस को लंबी अवधि में सपोर्ट कर सकते हैं।
क्या Suzlon Energy Share लॉन्ग टर्म निवेश के लिए सही है?
लॉन्ग टर्म निवेशकों के नजरिए से Suzlon Energy Share पूरी तरह कमजोर नहीं कहा जा सकता। भले ही शॉर्ट टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव बना रहे, लेकिन रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मजबूत ग्रोथ और कंपनी की ऑर्डर बुक इसे लंबे समय में संभावनाओं वाला स्टॉक बनाती है।
हालांकि, निवेश से पहले जोखिमों को समझना जरूरी है और किसी भी फैसले से पहले फाइनेंशियल सलाह लेना समझदारी होगी।
निष्कर्ष
Suzlon Energy Share फिलहाल दबाव में जरूर है, लेकिन ब्रोकरेज फर्मों की पॉजिटिव राय यह संकेत देती है कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। कमजोर तिमाही नतीजों और ऑपरेशनल चुनौतियों के कारण शेयर में गिरावट आई है, लेकिन लॉन्ग टर्म में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मजबूती सुजलॉन के लिए एक बड़ा सपोर्ट बन सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।




